बहनें अब “जॉब सीकर” नहीं, “जॉब क्रिएटर” बन रही
हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि-उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण के साथ बायोटेक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अब पहचान बना रही हैं महिलाएँ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल वुमेन हब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए एमपी एक्सीलेंस अवार्ड-2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें अब “जॉब सीकर” नहीं, “जॉब क्रिएटर” बन रही हैं। उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महिलाएं वह आत्मविश्वास लेकर आई हैं, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर भारत का “ग्रोथ इंजन” बनाएगा। प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी है। लखपति दीदी योजना से प्रदेश की एक लाख से अधिक महिलाएं प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। आज 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से लगभग 62 लाख बहनें जुड़कर न सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में भी अपना योगदान दे रही हैं। ग्रामीण अंचलों में स्व-सहायता समूह अब उत्पादन, पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। प्रदेश की महिलाएं कृषि-उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र निर्माण, बायोटेक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भोपाल वुमेन हब द्वारा आयोजित एमपी एक्सीलेंस अवार्ड-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सभी को छठ पूजा की शुभकामनाएं भी दीं।

