बुरहानपुर (इक़बाल अंसारी)शिक्षा, शोध और साहित्य के क्षेत्र में बुरहानपुर का नाम एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है। शहर बुरहानपुर के प्रोफेसर दंपति में प्रतिष्ठित खानदान की सुपुत्री डॉ. शबाना निकहत अंसारी और प्रतिष्ठित खानदान के सुपुत्र डॉ. वसीम इफ्तिख़ार अंसारी को भोपाल में उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक, शोधात्मक, आलोचनात्मक एवं क्षेत्रीय साहित्य में ऐतिहासिक व उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।डॉ. शबाना निकहत अंसारी (अध्यक्ष, उर्दू विभाग, सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, भोपाल) तथा डॉ. वसीम इफ्तिख़ार अंसारी (अध्यक्ष, उर्दू विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, भोपाल) को यह सम्मान भोपाल की प्रतिष्ठित संस्था मेघना शिक्षण सामाजिक कल्याण समिति (पंजीकृत) द्वारा प्रदान किया गया है।समिति की ओर से भोपाल में 25 दिसंबर 2025, प्रातः 11 बजे, आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान राजधानी भोपाल की जानी-मानी शख्सियतों में—जनाब इक़बाल मसूद, जनाब ज़फ़र सहबाई, डॉ. अंबर आबिद, जनाब नज़र महमूद और डॉ. सबीहा सदफ़—की गरिमामयी उपस्थिति में दोनों जोड़ी को अवार्ड से नवाज़ा गया।इस सम्मान की प्राप्ति के साथ ही बुरहानपुर के साहित्यिक, सामाजिक और शैक्षणिक हलकों में हर्ष और गर्व का वातावरण है। अनेक संगठनों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डॉ. शबाना निकहत अंसारी और डॉ. वसीम इफ्तिख़ार अंसारी को बधाइयाँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाएँ की हैं।बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. सज्जाद हुसैन जाफ़री, डॉ. अकबर अली (खरगोन), डॉ. नौमान ख़ान, डॉ. हिना अंसारी (भोपाल), डॉ. अज़ीज़ इरफ़ान अलीगढ़, डॉ. अब्दुल वाहिद, फ़ैसल राहत (इंदौर), डॉ. इसरारुल्लाह अंसारी, डॉ. नाज़िम (नीमच), एडवोकेट सैयद आबिद अली, जनाब ग़ुलाम मुईनुद्दीन, अहमद रज़ा गायक (जावरा), डॉ. वसीम अनवर (सागर विश्वविद्यालय), डॉ. मुस्तकीम रज़ा, हाजी फ़िरोज़ कमाल (जबलपुर), डॉ. क़मरुज़्ज़मा अलीगढ़ (ग्वालियर), डॉ. अबरार अलीगढ़ (ललितपुर), हाफ़िज़ अरशद रज़वी (फ़िरोज़ाबाद), प्रो. ख़ालिद महमूद व प्रो. तस्नीम फ़ातिमा (दिल्ली), जनाब मुशीर अंसारी (मुंबई), डॉ. क़मर सिद्दीकी, जनाब मीर हसन, डॉ. कलीम ज़िया (मुंबई) सहित अनेक नाम शामिल हैं।बुरहानपुर से वरिष्ठ शायरों और साहित्यकारों में उस्ताद लतीफ़ शाहिद, उस्ताद जमील असगर, मोमिन जमाअत बुरहानपुर के संरक्षक अल्हाज आरिफ़ अंसारी अलीग, लेखक एवं कवि क़मरुद्दीन फ़लक, सेवा सदन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.एम. शकील, सहायक प्राध्यापक डॉ. अल्ताफ़ अंसारी, कवि क़य्यूम अफ़सर, सामाजिक कार्यकर्ता अनवर हुसैन अंसारी, कवि व अफ़्साना निगार डॉ. आरिफ़ अंसारी, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शायर और लेखक डॉ. जलील बुरहानपुरी तथा “हर्फ़-हर्फ़ आईना” के मीर-ए-कारवां इक़बाल अंसारी आईना सहित ईष्ट मित्रों, शुभ चिंतक, और समाज और परिवार से जुड़े लोगों ने भी दोनों जोड़ी को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं हैं। उल्लेखनीय है कि यह सम्मान न केवल दोनों विद्वान जोड़ी की साधना और समर्पण का प्रमाण होने के साथ बुरहानपुर की शैक्षणिक और साहित्यिक परंपरा की सशक्त पहचान भी है।


