*जनसमुदाय ने दिव्य झांकियों की सराहना की
बुरहानपुर
(इक़बाल अंसारी) माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला 2026 के अंतर्गत आयोजित भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संध्या में इस वर्ष आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले में जहां एक ओर ग्रामीण विकास, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की रौनक रही, वहीं दूसरी ओर मंच पर प्रस्तुत धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वाद्ययंत्रों—ढोलकी, ताशा और हारमोनियम—की मधुर धुनों के साथ हुई, जिसने वातावरण में ऊर्जा और उत्साह भर दिया। इसके बाद मंच पर प्रस्तुत विविध कार्यक्रमों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ भगवान महाकाल के भव्य तांडव नृत्य से हुआ। कलाकार ने शिव के रौद्र और दिव्य स्वरूप को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। दमदार संगीत, प्रकाश प्रभाव और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा परिसर शिवमय हो गया।इसके पश्चात ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की मनोहारी वंदना प्रस्तुत की गई। श्वेत परिधान, मधुर संगीत और शांत भाव-भंगिमाओं के साथ कलाकारों ने एक दिव्य वातावरण निर्मित किया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम में शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक बजरंग बली की झांकी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। हनुमान जी के पराक्रम और रामभक्ति को दर्शाती प्रस्तुति ने दर्शकों में जोश और उत्साह भर दिया। “जय श्रीराम” और “जय बजरंग बली” के जयघोष से पूरा मेला परिसर गूंज उठा।सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण भगवान भगवान शिव और माता माता पार्वती के दिव्य विवाह की भव्य नृत्य-नाटिका रही। शिव बारात, पारंपरिक वेशभूषा, मंत्रोच्चार और सजीव अभिनय ने इस प्रस्तुति को अत्यंत जीवंत बना दिया। दर्शकों ने इस अलौकिक दृश्य को श्रद्धा और उत्साह के साथ सराहा।इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कलाकारों का अपने अंदाज में उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला ग्रामीण प्रतिभाओं और देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर को एक मंच प्रदान करता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं, बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। हर प्रस्तुति के बाद गूंजती तालियां और जयघोष कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण बने।मेले में लगी विभिन्न दुकानों, झूलों, ग्रामीण हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान की भी आकर्षक रौनक देखने को मिली। स्थानीय उत्पादों और लघु उद्योगों को इस मेले के माध्यम से प्रोत्साहन मिला तथा दूर-दूर से आए लोगों ने इसका भरपूर आनंद उठाया।25 मार्च को इंडियन आइडल फेम गायक राहुल की प्रस्तुतिमाँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में 25 मार्च को इंडियन आइडल फेम गायक राहुल अपनी सुरमयी आवाज़ से संगीतमय शाम सजाएंगे, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके साथ ही 26 मार्च को शेखर निरंजन भाखरे द्वारा भारुंड रंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा तथा 27 मार्च को अरुण मनी लख्खा की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ मेले का भव्य समापन होगा।माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला इस प्रकार आस्था, संस्कृति, आध्यात्मिकता और ग्रामीण विकास का सशक्त संगम बनकर निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।


